FAQ

              See there are two clasical methods of teaching :

1. Viswamitras's Method of teaching Lord Rama, in which he taught him directly at the battle field . Similarly, for some topics, we directly take the sum and draw the theory and formulas.

2. Dronacharya's Method in which he used to taught the methods at he gurukul then introduced them to the battle. Similarly for some topic we clarify theory first then go for numericals.

           HOWEVER, WE HAVE WHITEBOARD - PROJECTOR FOR THREE DIMENSIONAL CONCEPTS, LABORATORY ITEMS FOR PRACTICAL CLEARENCE OF SCIENCE, BLACKBOARD LECTURES AND CONTACT CLEARENCE TOO.

What are the teaching method used?
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      Topics are discussed Hindi and English periodically, as we donot have complete english environment, neither can we do sciene in pure hindi so we have to go for both the languages. English notes are written directly on the blackboard while hindi is dictated at the same time.

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How does Hindi and English mediums are taught simultaneously ?
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         जैसा कि आप जानते है, पाकुड़ में पूर्णतः अंग्रेजी का माहौल नहीं है और ऊपर की काक्षांओं में माध्यम से ज्यादा समझ आवश्यक होता है अतः हमारे यहाँ हिंदी और अंग्रेजी दोनों में बारी बारी से व्याख्या की जाती है। अंग्रेजी के नोट्स श्यामपट्ट पर लिखे जाते हैं जबकि हिंदी में डिक्टेशन दी जाती है। 

हिंदी तथा अंग्रेजी की कक्षा साथ साथ किस प्रकार चलायी जाती है ?

बच्चों को पढ़ाने की दो मुख्य तकनीक बताई गयी है :

१. ऋषि विस्वामित्रजी  की रामजी को पढ़ाने की विधि जिसमे शिक्षा का पाठ सीधे कुरुक्षेत्र के मैदान में दिया था , इसी प्रकार हमारे यहाँ भी कुछ तथ्यों को पढ़ाने के लिए सीधे सवाल लिए जाते है और इसी के आधार पर समीकरण एवं सूत्र स्थापित किये जाते हैं। 

२. द्रोणाचार्य की विधि में बच्चो को पूर्वज्ञान गुरुकुल में दिया जाता था तत्पश्तात कुरुक्षेत्र भेजा जाता था इसी प्रकार हमारे यहाँ कुछ तथ्य पहले समझा दिया  जाता है , पुनः घर पर दोहराने के बाद जाँच परीक्षा ले ली जाती है। 

                हालाँकि  हमारे यहाँ सफ़ेद बोर्ड -प्रोजेक्टर भी है जिसकी सहायता से  त्रिबीमीय आकृतियां समझायी जाती है तथा  प्रायोगिक उपकरण भी है  ताकि वास्तविक प्रायोगिक अनुभव हो सके , श्यामपट  व्याख्या  के साथ ही व्यक्तिगत सवालों का हल भी किया जाता है। 

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पढ़ाने के लिए कौन से तकनीक का उपयोग किया जाता है ?
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How does Tuition of Class work?

     The teacher gives broad idea about the thery of the concerned topic then relevent example questions are discussed. Students are given illustraion from the reference books to work at home. The next day doubts raised by the students are solved one by one till the last students is satisfied.

कक्षा का आयोजन किस प्रकार से किया जाता है ?
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               शिक्षक कक्षा में नियोजित संस्करण की सम्पूर्ण जानकारी विस्तारपूर्वक देते है ,पुनः संलग्न सवालों को हल किया जाता है।  बच्चों को गृहकार्य दिया जाता है। अगले दिन बच्चों द्वारा पूछे गए सवालों तबतक हल किया जाता है जबतक कि प्रत्येक बच्चे का प्रश्न हल न हो जाये।

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Which books are followed ?

  For class IX  to XII (CBSE and JAC) following books are followed:

      NCERT books,  RS Agrawall for Maths,   RD Sharma for Maths,  HC Verma for Physics, Biltu Sing for Physical Chemistry, Nafis Haider for organic chemistry, S C Lal for Inorganic Chemistry,  S Chand publications, Pradeep Publictions etc.

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How does evaluation is done ?

            Month end test is taken on the monday of the month. Test is usually MCQ type for the test of objective khowledge. Apart for it time to time written test is also taken.

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What if I could not understand the topic in class ?

             Usually  repeatition of topic is done so many times that there should not be any doubts. Still if there is any, we form whatsapp group for each batch. You may put you doubt there, you'll be entertained over video conferenceing or  special sessions according to the leisure of the faculty.

  वर्ग IX  से  XII (CBSE अथवा  JAC) के लिए निम्न किताबें पढाई जाती है :

      NCERT किताबें ,  गणित के लिए आर एस अग्रवाल ,  आर दी शर्मा की गणित, एच सी वर्मा की भौतिकी , बिल्टू सिंह की भौतिक रसायन , नफीस हैदर की कार्बनिक रसायन, रामजतन प्रसाद की अकार्बनिक रसायन, इसके अलावे एस चाँद  प्रकाशन, प्रदीप प्रकाशन व अन्य ऐसी पुरस्तकें यहाँ पढाई जाती है। 

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कौन कौन सी किताबों से पढाई होती है ?
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मूल्यांकन किस प्रकार किया जाता है ?

            प्रत्येक महीने के अंतिम सोमवार को माहांत परीक्षा आयोजित की जाती है।  इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नो द्वारा अधिगम  मूल्यांकन किया जाता है। इसके अलावे समय समय पर लिखित परीक्षा का भी आयोजन होता है। 

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यदि मुझे कक्षा में समझ न आये तो मेरे लिए क्या व्यवस्था होगी ?

             अमुमन संस्करणों का दोहराव इतनी बार होता है कि समझ में न आना नामुमकिन है। फिर भी यदि ऐसी कोई बात होती है तो हमारे यहाँ सभी कक्षाओं का व्हाट्सप्प समूह होता है जहाँ आप अपना सवाल रख सकते हैं। आपके प्रश्नों का  निराकरण हमारे विशेषज्ञ अपने समय के अनुसार विडियो कनफेन्सिंग द्वारा अथवा विशेष सत्र आयोजित करके करते हैं।